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ठगों ने बुनकरों को एक बार फिर लगाया करोड़ों का चूना-जाँच शुरू

03 Mar 2018

सूचना न्यूज़ एडिटर आलम खान की विशेष रिपोर्ट

जीएसटी के सहारे धोखाधड़ी कर बुनकरों से लगभग एक करोड़ रुपया की कीमत का कपड़ा लेकर फरार हुए गैर-प्रदेशीय आरोपियों के खिलाफ पुलिस कप्तान के निर्देश पर जाँच शुरू हो गई है।

अम्बेडकर नगर जनपद की बुनकर नगरी टाण्डा से एक बार फिर बुनकरों के साथ धोखाधड़ी कर लगभग एक करोड़ रुपया की कीमत का कपड़ा लेकर तीन लोग फरार हो गए है। दर्जनों बुनकरों ने जीएसटी नम्बर व बैंक के चेकों पर भरोसा जताया था लेकिन शातिर किस्म के गैर-प्रदेशीय धोखेबाज़ों ने बुनकरों के विश्वास का फायदा उठाते हुए फरार हो गए हैं।
आपको बताते चलेंकि की विगत तीन माह से द्वारिका कॉम्लेक्स में विनोद राज पुत्र गोविंद राज निवासी तमिलनाडु अपने सहयोगी वेंकटेशन सुब्रमानी (तमिलनाडु), प्रदीप (बेंगलुरु) व पुट्टू (आंध्रप्रदेश) के साथ मिल कर बुनकरों से कपड़ा खरीदारी करते थे तथा उक्त कपड़ों को एआरसी ट्रांसपोर्ट व नूर ट्रांसपोर्ट से जीएसटी नम्बर 09ASUPV1499E1ZU से जीएसटी नम्बर 29AHGPA8882M1ZO बैंगलुरु भेज देते थे तथा बुनकरों का भुगतान बैंक ऑफ इंडिया शाखा टाण्डा का 21 दिन बाद का चेक दे देते थे। बुनकर जीएसटी व बैंक के चेक पर भरोसा जताते हुए लगभग एक करोड़ रुपया की कीमत का तैयार कपड़ा दे दिया था लेकिन विगत 18 फरवरी को अचानक सभी धोखेबाज गायब हो गए और जब बुनकर बैंक पहुंचे तो उक्त एकाउन्ट में मात्र 38 रुपया ही बताया गया जिससे बुनकरों को अपने ठगे जाने का एहसास हुआ।
ठगी का अहसास होने के बाद दर्जनों बु कारों ने पुलिस कप्तान संतोष कुमार मिश्र को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गोहार लगाई। पुलिस कप्तान ने थाना अलीगंज को जांच करने का आदेश दिया। 
अलीगंज थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर राहुल कुमार ने उक्त मामले की स्वंय जांच शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि ठगी के उक्त मामले की हर पहलुओं पर जांच की जाएगी और आरोपियों को शीघ्र हिरासत में भी लिया जाएगा।
बहरहाल बुनकर नगरी टाण्डा को अपना ठिकाना बना कर ठगी किए जाने का ये कोई पहला मामला नहीं है लेकिन बड़ी बात ये है कि शातिर अभियुक्तों का बैंक में खाता कैसे खुला तथा जीएसटी नम्बर के सहारे बुनकर नगरी में ठगी कर बुनकरों को लगभग एक करोड़ की चपत लगाने का ये पहला मामला सामने आया है जिसके जांच के बाद ही खुलासा हो सकेगा।



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