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यश भारती से सम्मानित प्रख्यात शायर ने उर्दू अदब को दिया ज़बरदस्त झटका

02 Jan 2018

इलाज के दौरान केजीएमयू में आज सुबह इन्तेकाल

लखनऊ:यश भारती पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात उर्दू शायर व मुशायरा संचालक अनवर जलालपुरी का आज सुबह केजीएमयू में इलाज के दौरान इन्तेकाल हो ग्या जिससे उर्दू अदब को जबरदस्त झटका लगा है।

देश विदेश में आयोजित मुशायरों का कुशल संचालन करने वाले प्रसिद्ध शायर अनवर जलालपुरी का आज सुबह लखनऊ में स्थित केजीएमयू अस्पताल में इलाज के दौरान इन्तेकाल हो गया हैं। प्रसिद्ध शायर विगत सप्ताह अपने आवास पर गिर गए थे जिससे उनके सर में गंभीर चोटें आई थी। चिकित्सकों के अनुसार उन्हें ब्रेन हैमरेज हुआ था। श्री जलालपुरी जिस मुशायरे का संचालन करते थे उसे पहले ही सफलता का सर्टिफिकेट दे दिया जाता था। अपनी शायरी के अतिरिक्त उन्हें दूसरे शायरों का हज़रों शेअर कंठस्थ याद था। अनवर जलालपुरी का जन्म 6 जुलाई 1947 को जिला अम्बेडकर नगर की तहसील जलालपुर में हुआ था। उर्दू सहित के भाषाओं पर उनकी काफी अच्छी पकड़ थी। 15 जुलाई 2015 को तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उन्हें 11 लाख नकद व प्रशस्ति पत्र देकर यश भारती सम्मान से नवाजा था। उनके इन्तेकाल से उर्दू अदब को जबरदस्त झटका लगा है। 
आज सुबह केजीएमयू में इलाज के दौरान इन्तेकाल की ख़बर मिली तो उनका ये शेर याद आ गया कि--

मैं जा रहा हूँ मेरा इन्तेज़ार मत करना,
मेरे लिये कभी भी दिल सोगवार मत करना।
मेरी जुदाई तेरे दिल की आज़माइश है,
इस आइने को कभी शर्मसार मत करना ।।



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