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गौरी लंकेश के हत्यारों का अभी तक नहीं लगा सुराग,आरएसएस हुई नाराज़

07 Sep 2017

निर्भीक पत्रकारिता की मिली सज़ा

वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या को 36 घंटे होने जा रहे हैं, लेकिन अब तक पुलिस हत्यारों से दूर है. पुलिस गौरी लंकेश के घर और आसपास की इमारतों में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है ताकि आरोपियों का कोई सुराग़ मिल सके. इससे पहले बुधवार को सिद्धारमैया सरकार ने मामले की एसआईटी जांच के आदेश दिए और कहा कि जरूरत पड़ने पर मामला सीबीआई को सौंपा जा सकता है. पुलिस का मानना है कि पेशेवर हत्यारों की मदद से इस वारदात को अंजाम दिया गया है. मंगलवार शाम को गौरी लंकेश को उनके बेंगलुरु के घर में गोली मारी गई थी. अपराधियों ने सात गोलियां चलाईं, जिनमें तीन गौरी लंकेश को लगी और मौक़े पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया. 
 

आरएसएस ने कहा- बिना सबूत उंगली न उठाएं
पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या को लेकर राजनीति तेज हो गई है. जहां राहुल गांधी और सीपीएम ने इसके लिए बीजेपी और संघ परिवार को जिम्मेदार ठहराया तो बीजेपी ने इसके लिए राज्य सरकार पर निशाना साधा अपने राजनीतिक विचारों और अपनी बेलाग टिप्पणियों के लिए मशहूर गौरी लंकेश की जिस तरह हत्या हुई, उससे सबसे पहले हिंदूवादी विचारधारा निशाने पर आई. कांग्रेस ने फौरन याद दिलाया कि पिछले दिनों जिस तरह की सोच को बढ़ावा दिया गया है, ये हत्या उसी का नतीजा है और ये विचारधारा देश के भी खिलाफ है और लोकतंत्र के भी. उधर, आरएसएस ने फौरन हत्या की निंदा की और कार्रवाई की मांग भी. बीजेपी ने भी कहा, बिना सबूत कोई उंगली न उठाए. यह भी याद दिलाया कि कानून-व्यवस्था राज्य का मसला है केंद्र का नहीं और कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार है.

 



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